brassinosteroids

                             पादप हार्मोन  (Plant Hormones)
 Author :Dr. satyajeet sharma(Bio scientist)

पादप हार्मोन पौधों में विकास के लिए उत्तरदायी होता है | पादप हार्मोन जिसे फाइटोहार्मोन भी कहते है के ये पौधों में पाया जाने वाला एक विशेष प्रकार का रसायन होता है | पादप हार्मोन रसायन  की मात्रा पौधों में बहुत कमतर होती है | 

एक बात यहाँ जान लेना जरुरी है की पादप हार्मोन के स्रावण के लिए पौधों में कोई ग्रंथि नहीं होती जैसा की इंसानो और अन्य जानवरो में देखा जा सकता है |

 पौधों में पाए जाने वाले पादप हार्मोन का कार्य
(1 )पौधों का विकास 
(2 )पौधों में लगे फूलो और पुष्पों का विकास 
(3 )पादप हार्मोन पौधों के जड़ और तनो के सतत विकास  के लिए भी जिम्मेदार है 
(4 )पादप हॉर्मोन पौधों के फलो के विकास  के साथ -साथ उसके पकने (पक्कन ) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है | 
padap hormone
पौधों में मुख्यता पाँच प्रकार के हॉर्मोन पाए जाते है |

(1 )ऑक्सीन हार्मोन
(2 ) जिबरेलिन हार्मोन
(3)  साइटोकाइनिन हार्मोन 
(4 ) एथिलीन हार्मोन
(5 ) एब्सिसिक अम्ल

ऑक्सीन हार्मोन 

ऑक्सीन हार्मोन के बारे में सबसे पहले यह जान लेना जरुरी है की यह इसका सबसे अधिक प्रभाव अग्रकलिका 
यानि की पौधे के सिरों पर होती है | आगे का भाग इससे कारण  बढ़ता हैं | 
padap hormon


ऑक्सिन हॉर्मोन की खोज सबसे पहले डार्विन ने 1880 में की थी  ऑक्सिन हॉर्मोन  एक तो  पौधे के अग्र कलिका के बढ़ने के लिए जिम्मेदार है ही दूसरा जड़ के निर्माण में भी सहायक है | इसलिए यहाँ हम इन बातो को बता सकते है की ऑक्सिन हॉर्मोन निम्न लिखित के किये जिम्मेवार है |

(1 )पौधे के अग्र कलिका के विकास  के लिए
(2 )तना के निर्माण के लिए
(3) प्रकाश अनुवर्तन में सहायक हैं  इसका मतलब यह है की सूर्य के प्रकश के दिशा में |
(4 )गुरुत्वा अनुवर्तन में सहायक हैं


जिबरेलिन हार्मोन
इसके बारे में जानकारी और भी रोचक है इसकी खोज 1928  में  कुरुसेवा ने  जबरेला फ्यूजीकोराई नामक कवक से किया गया था| जिबरेलिन हार्मोन के भी कुछ विशेष  कार्य है जो निम्न हैं |

(1 )बौनी प्रजाति के पौधे जिसमे की विकास दर कम होता है |   जिबरेलिन हार्मोन इसमें बृद्धि के लिए सहायक है 
(2 ) यही नहीं यह हॉर्मोन पौधों के तनो के बृद्धि में सहायक है | 
(3 )बिजों के अंकुरण में सहयक है | 

साइटोकाइनिन हार्मोन 

कार्य 
(1) साइटोकिनिन हॉर्मोन पौधों में कोशिका विभाजन को प्रभावित करता है |
(2) साइटोकिनिन हॉर्मोन ऑक्सीन हार्मोन के साथ मिल के पौधे के विकास के लिए काम करते है | 
(3) साइटोकिनिन दो प्रकार के होते हैं: केनेटिन, जेइटिन और 6-बेंजाइलामिनोपुरिन और फेनिलयूरिया साइटोकिनिन
(4) साइटोकिनिन कोशिका के विभाजन और शूट रूट मॉर्फोजेनेसिस सहित कई तरह की प्रक्रियाओं में शामिल हैं|

एथिलीन हार्मोन

इस हॉर्मोन का नाम तो आप लोगो ने जरूर सुना होगा लेकिन क्या आप जानते है आपके फलो 
को पकने में ये सहायता करते है | 
कार्य 
1. एथिलीन हार्मोन फलो और पत्तो के झड़ने  को नियंत्रित करता है | 
2 . यह पौधों की चौड़ाई को बढ़ने में सहयोग देता है | 
3 . फलो के पकने में इसकी मुख्या भूमिका है |
4. पौधे को अंकुरण में सहयोगी है | 
एब्सिसिक अम्ल
यह एक खास तरह का हार्मोन है जो पौधों में  होने वाली बृद्धि को रोकता है 
1. एब्सिसिक अम्ल पौधों की वृद्धि को रोकता है | 
2. यह वाष्पोत्सर्जन क्रिया का नियंत्रण रंध्रों को बन्द करके करता है।
3. यह पत्तियों के झड़ने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है | 









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